दोस्ती मजहब है दीनों ईमान है
मोहब्बत खुद्दारी है दिली शान है
रब की इनायत है मोहब्बत
दोस्ती रब का वरदान है
आपसा दोस्त मिला
मुकद्दर अपना रब दा फरमान है
जिन्दगी भी है यारी जान है
ये यार तेरी यारी मे लाखो मोहब्बत कुर्बान है
अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है
Please join amritsagar Friends
Follow the link below
https://m.facebook.com/amritsagarownsms/
No comments:
Post a Comment