Thursday, 7 April 2016

कभी कभी मेरे ख्वाबो में मेरे सनम मे आया करो अपनी बेशुमार मोहब्बत हमपे लुटाया करो


कभी कभी मेरे ख्वाबो में मेरे सनम मे आया करो अपनी बेशुमार मोहब्बत हमपे लुटाया करो जिन्दगी की इन अनमोल घडियो को मेरे सनम युही न जाया करो तुम कहती हो बहुत याद आती है हमारी क्या ये नही मोहब्बत क्या ये नींद की खुमारी समझा कीजिये कभी हमारी भी लाचारी कर नही सकते कभी मेरे महबूब तुमसे हम गद्दारी अपनी आँखो से शक के पर्दा हटाकर तो देखिये मोहब्बत मे खुदको डुबोकर तो देखिये बहुत खुबसूरत और लाजवाब है मोहब्बत हमारी अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है Please join amritsagar Friends Follow the link below https://m.facebook.com/amritsagarownsms/ Amrit Sagar अमृत सागर's photo.

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव