Thursday, 7 April 2016

लो चाँद गगन मे आ पहुँचा ना जाने तुम कब आओगे फिजा भी रंग बदल चुकी तुम ना जाने कब आओगे


लो चाँद गगन मे आ पहुँचा ना जाने तुम कब आओगे फिजा भी रंग बदल चुकी तुम ना जाने कब आओगे सुहानी रात ढल चुकी तुम ना जाने कब आओगे शमा भी रंग बदल चुकी तुम ना जाने कब आओगे कब से तडप रहा बेकरार दिल तुम्हारे इन्तजार मे तुम ना जाने कब आओगे अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है Please join amritsagar Friends Follow the link below https://m.facebook.com/amritsagarownsms/ Amrit Sagar अमृत सागर's photo.

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव