Saturday, 9 April 2016

अपनो जुल्फो मे बसा ले हमे गजरा चमेली का समझके

अपनो जुल्फो मे बसा ले हमे गजरा चमेली का समझके
अपनी आँखो मे बसा ले हमे कजरा कलकतिया समझके
अपने कानो का झुमका बना हमे झुमका बरेली का समझके
अपने दिल मे बसा ले तेरी मोहब्बत का परवाना समझके
अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है
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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव