Friday, 29 April 2016

गुँजरे हुये वक्त की यादे दिल को बहुत तडपाती है

गुँजरे हुये वक्त की यादे दिल को बहुत तडपाती है
कभी कभी जिन्दगी को जनन्त और कभी....बनाती है
मोहब्बत मे लबरेज दिल को बहुत दर्द दे जाती है
कभी कभी मोहब्बत मे दिल को चेनो शुकून भी पहँचाती है

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव