Sunday, 8 May 2016

पल पल हरेक पल सताती है तेरी मोहब्बत भरी यादें

पल पल हरेक पल सताती तेरी मोहब्बत भरी यादें
जितना भुलाने की कोशिश करती हूँ उतना ही ज्यादा तडपाती है
तनहाइयों में बहुत तडपती हैं सनम तेरी मोहब्बत भरी बातें
सैलाभे अश्क लती है जिन आँखों से तेरा दीदार किया
अपनी मोहब्बत भरी महक से फिजा महकाती है तेरी शबनमी यादें

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव