पपीहे की पीहू पीहू महबूबे मोहब्बत की याद दिलाती है
दिल में अगन लगाती है
पपीहे की पीहू पीहू दिल की धडकन बढाती है
तनहाइयों में बहुत सताती है
पपीहे की पीहू पीहू तुम्हारी मोहब्बत का सबब बन जाती है
रह रह कर तुम्हारी याद दिलाती है
पपीहे की पीहू पीहू बनकर महबूब मोहब्बत की महक से फिजा महकाती है
दिल के आशियाने में बस जाती है
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Monday, 16 May 2016
पपीहे की पीहू पीहू
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खामोशियो की सागिर्दगी
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