Monday, 16 May 2016

कभी तुमने सोचा है

कभी तुमने सोचा है
एक अदद
नन्हा सा दिल हमारा भी है
शीशे का नहीं
पत्थर का नही
ना मोम का है दिल हमारा
इसे भी चोट लगती है
हमें भी अहसास होता है
कभी तुमने सोचा है
कभी कोशिश की है तुमने दिल में झाँकने की हमारे
चोट पे चोट ये सहता है
कभी उफ तक नही करता है
तुम्हारा दिल बहुत सुकोमल है
जाने अनजाने आहत हो जाता है
क्या हमारे दिलों की बनावट में रब ने फर्क किया है
नहीं
मै कैसे कर सकता हूँ
यू भी आशिको का दिल एक यार होता है
तभी तो मोहब्बत होती है
तभी तो प्यार यार होता है
मोहब्बत यकीनन दिलों के दर्मिया विश्वास का रिश्ता यार होती है
तभी तो मोहब्बत करने वालों की रूहें तक एक हो जाने को बेकरार होती है

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