मेरी गजल भी तूही , तूही मेरा शबनमी गीत
तूही जिन्दगी की रीत सनम तूही मनभावक संगीत
जिन्दगी की सुरीली भोर तूही, तूही जिन्दगी की डोर
तूही जिन्दगी का राग सनम, तूही जिन्दगी का गीत
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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