पहली नजर में दिल में वो उतर गयें
चंद पलों में घायल दिल को कर गयें
सरे राह तीरे नजर से घायल कर गयें
आशियाना ए दिल में घर वो कर गयें
जिन्दगी के उपवन में कुमुदनी बन खिल गये
सरे राह चलते चलते मेरे महबूब मिल गयें
जिन्दगी के सागर की मौंजे बनकर ठहर गयें
साहिल पे होकर भी "सागर" वो किनारा कर गयें
मोहब्बत बनके नजरों में वो बस गयें
फरियाद बनकर सागर की जिन्दगी में जम गयें
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