तुम्हारी मुस्कुराहट से मुस्कुराता है जमाना
एक न एक दिन तुम्हे धरती पे पडेगा आना
तुम्हारी मोहब्बत से आज भी महक रहा है जमाना
जिन्दगी की चाहत तुम्ही हो कन्हैया ये मैने है जाना
अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है
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मोहब्बत से लबरेज कविताओ का खजाना
साँझ ढले तो आ जाना
अमृत सागर मे डुबकी लगाना चले आना
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