Friday, 13 May 2016

कृतक की कृति

कृतक की रचना आईना ए दिल यार होती है
शेफाली की मादक महक हवा से दो चार होती है
यू तो चाँद से ही होती है चाँदनी इस जहाँ में मेरे यार
आशिकी रब की इनायत और इबादत यार होती है

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव