Thursday, 16 June 2016

१०१ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

२०१ मेरी आधुनिक मधुशाला


सजते नित मंदिर गुरुद्वारे और पंडित कहता मेरा राम रखवाला
बनठन कर इत्र लगा परदेशी नित आता मेरी आधुनिक मधुशाला
मेरे यारों  कभी न तुलना तुम करना मंदिर और मदिरालय में
चिरायु चिर स्थिर है मंदिर तेरा सदा स्थान बदलती मेरी मधुशाला

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव