२०१ मेरी आधुनिक मधुशाला
सजते नित मंदिर गुरुद्वारे और पंडित कहता मेरा राम रखवाला
बनठन कर इत्र लगा परदेशी नित आता मेरी आधुनिक मधुशाला
मेरे यारों कभी न तुलना तुम करना मंदिर और मदिरालय में
चिरायु चिर स्थिर है मंदिर तेरा सदा स्थान बदलती मेरी मधुशाला
सजते नित मंदिर गुरुद्वारे और पंडित कहता मेरा राम रखवाला
बनठन कर इत्र लगा परदेशी नित आता मेरी आधुनिक मधुशाला
मेरे यारों कभी न तुलना तुम करना मंदिर और मदिरालय में
चिरायु चिर स्थिर है मंदिर तेरा सदा स्थान बदलती मेरी मधुशाला
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