Thursday, 16 June 2016

१०२ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



नित मंदिर और पूजा पाठ सब कुछ भूल गया पंडित आला
बरखा में चिंघाड़ती गाज भी ध्यान न भटका पाती पीनेवाला
पंडित ग्रंथि बुरा न तुम मानो हाला को साफ़ कहु तो गुरुद्वारा
युगों युगों तक सभी को योग सिखलाएगी मेरी आधुनिक मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव