आप तो ऐसे न थे
फिर
आखिर क्यों तुमने हमें भुला दिया
आखिर क्यो आपने ऐसा किया
मझधार में पतवार खेने से मना किया
आखिर क्यो आपने ऐसा किया
हमेंआपसे एसी उम्मीद कतई न थी मेरे यार
आखिर क्यो आपको नही रहा हम पर एतबार
विल यु प्लीज लेट मी नो मेरे यार मेरे परवरदिगार
बताइये मेरे यार
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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