Sunday, 12 June 2016

०७७ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



छककर आज पियूँगा तेरी सागरमय अनुपम मादक हाला
मई परदेशी अंजान डगर से आज हु आया मेरी मधुशाला
सागरमय हाला ने परदेशी के दिल पर कुछ ऐसा जादू डाला
जहाँ कही नज़र परदेशी है जाती नज़र आती मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव