Friday, 17 June 2016

मै जानता हूँ

मै जानता हूँ 
मेरी जिन्दगानी मेरा पहला पहला प्यार हो तुम , 
तुम रूह मेरे जिस्म की , दिली ख्वाहिश मेरे यार हो तुम , 
तुमसे ये जिन्दगानी बागो बहार है , 
तुम्हारी मादक महक से महकता ये संसार है
वाकिफ हूँ इस बात से मेरा मुकद्दर हो तुम
मेरी तकदीर का तसव्वुर हो तुम
मेरी दिली ख्वाहिश
दिली एतबार हो तुम
तुम ही मेरे दिल की धडकन
मेरे जिस्म की रूह हो तुम
जिन्दगानी हो जाने बहार हो
खुबसूरत स्वर्णिम कुमुदनी
मेरी पहली मोहब्बत
मेरा पहला पहला प्यार हो तुम
दिल का आइना हो तुम
अमृत सागर परिवार की बागो बहार हो तुम
सावन की पहली फुहार हो
स्वाँति नक्छत्र की वो लरजती मदभरी बूँद हो तुम
चाँदनी के शबनमी मोतियों का हार हो
बसंती मादक बयार हो तुम
कृतक अँजान की पहली मोहब्बत
आखिरी ख्वाहिश यार हो तुम

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव