Friday, 17 June 2016

बिन तेरे सनम

बिन तेरे सनम दिल न लगा पायेंगें
गर तू न मिला हमको जीते जी मर जायेंगें
मरके भी तेरा साथ छोडने न पायेंगे
तेरे जिस्म में रूह मोहब्बत भरी बस जायेंगें
न चैन से जी ही सके ,मरने के बाद भी न चैन जायेंगें
ख्वाहिशे मोहब्बत है तुम्हारी मरके भी चैन कहाँ पायेगें
जनाजे से बाहर आँखों से सरे राह तुझे ही खोजते जायेंगें
गर तुम न दिखाई हमको दिये फिर से जनम लेके आयेंगें
तुम्ही मोहब्बत तुम्ही आरजुये जिन्दगानी तुम्ही प्यार थे
मरने के बाद भी तुम्ही मेरी इबादत सरकार रहोगे

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव