मा रब का स्वरूप होती है
माँ अपनी जिन्दगी दाँव लगाती है
माँ के चरणों मे जनन्त होती है
माँ रातों जागती अपने कलेजे के
नन्हे टुकडे के लिये
सारी दुनिया बे खौफ सोती है
माँ अपनी जिन्दगी दाँव लगाती है
माँ के चरणों मे जनन्त होती है
माँ रातों जागती अपने कलेजे के
नन्हे टुकडे के लिये
सारी दुनिया बे खौफ सोती है
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