१७१ मेरी आधुनिक मधुशाला
मेरी मधुशाला आने को घर से चलता है सागरमय पीनेवाला
कभी न डगर अपनी भुलाता आ पहुँचता मेरी अपनी मधुशाला
हरेक डगर हरेक नगर सबकी मंजिल मदिरालय अनुपम आला
किसी भी राह परदेशी निकालता आ पहुंचता मेरी मधुशाला
मेरी मधुशाला आने को घर से चलता है सागरमय पीनेवाला
कभी न डगर अपनी भुलाता आ पहुँचता मेरी अपनी मधुशाला
हरेक डगर हरेक नगर सबकी मंजिल मदिरालय अनुपम आला
किसी भी राह परदेशी निकालता आ पहुंचता मेरी मधुशाला
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