तेरी बद्दुआयें गर हकीकत सो रूबरू है
रब दी सौ स्वीकार करता है तू मोहब्बत है मेरी तुझसे प्यार करता है
तेरी बद्दुआ गर जोशो जूनून है पागलपन है तेरा स्वीकार नही मुझे
तेरी बद्दुआये मुबारक तुझको तेरी सलामती की रब से फरियाद करता हूँ
रब सलामत रखे तुझको यही आरजू है हमारी तेरी जिन्दगानी की सलामती की दुआ करता हूँ
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Tuesday, 21 June 2016
दुआ बद्दुआ कुबूल दिल से करता हूँ , तू मोहब्बत है मेरी आशिकी में मरता हूँ
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
-
कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
-
जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
-
रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
No comments:
Post a Comment