पेड पौधों से ये जिन्दगानी है हमारी
जन्म जन्माँतरों से यारी पुरानी है
पेड पौधों ने लिखी मानवता की कहानी है
पेड पौधों से यारी हमने पहिचानी है
पेड पौधों से धरा पे फलती फूलती जिन्दगानी है
पेड पौधों से मिलती मानवता को जिन्दगानी है
पेड पौधों से धरा वायुमण्डल जिन्दगानी है
पेड पौधों से पर्यावरण और मिलती पृाण वायु जिन्दगानी है
पेड पौधों से रिश्ते नातों की कहानी सदियों पुरानी है
पेड पौधों से मानवता और हमार जिन्दगानी है
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Tuesday, 7 June 2016
विश्व पर्यावरण दिवस
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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मोहे पनघट पे नंदलाल की याद सतावे सखी याद सतावे बडा तडपावें सखी नींद न आवे नंदबाबा को लाडलों कान्हा यशोमति को दुलारों देवकी वसुदेव को नन्हो...
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