Thursday, 7 July 2016

१४८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


अंतर्मन में अग्नि धधक रही बुझी नहीं दिल की ज्वाला
चैन न मेरा दिल पायेगा जब तलक अंदर जायेगी न हाला
हाला मेरी पहली मोहब्बत दिल मेरा मेरी आधुनिक मधुशाला
जनम जनम यही अरज हमारी मरते बेर तक पियु हाला

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव