Friday, 15 July 2016

२१८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



मेरी याद में न तुम  रोना रुलाना सबको महुये की हाला पिलाना
मेरी समाधी के आहाते में मेरे यारों के लिए मधुशाला तुम बनाना
प्रियतम प्यारी श्राद्ध में यारों को बुलाके मेरी प्रियतम हाला पिलाना
मेरी आधुनिक मधुशाला को  जन्नत के सदृश्य प्रियतम तुम सजाना

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव