Sunday, 10 July 2016

१९८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



ढलती उम्र हमारी अब हमकों सागरमय लगती अति प्यारी
पहली मोहब्बत आखिरी यारी   हाला बन गई लगन हमारी
ज़िन्दगी यह चार पलों की दे जाती जब उदर में हाला जाती
खाते पिटे सोते जगते हर समय हमें आती मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव