Wednesday, 13 July 2016

२०४ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



खुशियों को कई गुना है बढ़ाती सुरबाला की मादक हाला
ग़मज़दा को ग़मो से बरी कर देती बाला की अमृत हाला
 शेफाली सा महकता मन केशर सा झूमता कृतक मतवाला
हवा में उड़ता परदेशी प्रियतम हाला बरसती मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव