Wednesday, 13 July 2016

२०५- मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



कोमल कर की पहली मोहब्बत दिव्य अनुपम मादक प्याला
मादक लबो टप टप टपकती सागरमय अमृत मेरी मधुशाला
मन ही मन कृतक मुस्काता प्याले का लुत्फ़ उठाता मतवाला
नित हुजूम सा लगता यारों शेफाली सी महकती मेरी मधुशाला 

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव