Wednesday, 13 July 2016

२०६ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



केशर की क्यारियों सी महक रही आज मेरी आधुनिक मधुशाला
आज लगेगा मेला यहाँ पर बाला के मादक लबों से टपकेगी हाला
बासंती हवा साज मनोहर छेड़ेगी और बाला जायेगी गीत निराला
सारे जहाँ में मेरी मधुशाला की पताका लहरायेगी सब पियेंगे हाला 

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव