Wednesday, 13 July 2016

२०७ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



जब तक शांत नहीं होती मेरे अंतरमन की ज्वाला
जब तलक भरत नहीं दिल पीके तेरी मादक हाला
तब तलक नहीं छोडूंगा मैं परदेशी मेरी मधुशाला
दिल जिगर और जान बनी अब बाला की मादक हाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव