सुहानी ऱात आने दे
बसंत को पंख फैलाने दे
कोयल को नग्में मोहब्बत के सुनाने दे
कुमुदनी को जरा मुस्कुराने दे
पपीहे को पीहू पीहू की रट लगाने दे
भँवरों को उपवन में गुनगुनाने दे
महबूब को कसमसाने निभाने दे
तेरे गाँव डगर कों महकने दे
चिडियों को चहकने दे
मैं एक दिन तेरे नाल आउँगा
नग्में मोहब्बत के गुनगुनाउँगा
बसंत को पंख फैलाने दे
कोयल को नग्में मोहब्बत के सुनाने दे
कुमुदनी को जरा मुस्कुराने दे
पपीहे को पीहू पीहू की रट लगाने दे
भँवरों को उपवन में गुनगुनाने दे
महबूब को कसमसाने निभाने दे
तेरे गाँव डगर कों महकने दे
चिडियों को चहकने दे
मैं एक दिन तेरे नाल आउँगा
नग्में मोहब्बत के गुनगुनाउँगा
अपनी बाहो में भरके मोहब्बत लुटाऊँगा
तेरी मोहब्बत में जियूँगा
तेरी मोहब्बत में मर जाऊँगा
वादा करता हूँ
जान देकर निभाऊँगा
मोहब्बत की डगर पे जान की बाजी लगाऊंगा
इबादत है मोहब्बत
दिल से करके दिखाऊँगा
कृतक अंजान मोहब्बत रास आएगी
सभी कहते है यारो एक दिन हसीना मान जायेगी
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