Wednesday, 20 July 2016

२६६ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



तेरे मयखाने में आकर दिल को करार बेशुमार आता है
जमीं पे ओर कोई जगह ऐसी नहीं जहाँ दिल करार पाता है
झूमता है परदेशी तेरे मयखाने में रंजो गम सारे भुलाता है
जन्नत सा शुकु पाने को अंजान डगर नित मयखाने आता है 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव