Wednesday, 13 July 2016

मोहब्बत का उपवन ६

तू झूठी है मक्कार है
मेरी मोहब्बत मेरा प्यार है
फृाड है
मोहब्बत तेरे बस की बात नही
तू तो पागल है
तुझे अच्छी बातों की आदत नही
हमेशा रोती रहती है
रोने के सिवा कुछ भी तुझे नही आता
फिर भी तू मेरा प्यार है
मेरी मोहब्बत मेरी यार है

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव