Tuesday, 19 July 2016

२५९ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



एक यही ख्वाहिश है मेरी मरते दम पियु सागरमय हाला
गंगाजल सम पावन अमृतसम सागरमय अनुपम हाला
मेरी जिन्दगी का चैनो अमन यारों मेरी आधुनिक मधुशाला
कृतक यही आखिरी ख्वाहिश मरते वक्त पियु अनुपम हाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव