Tuesday, 19 July 2016

२५८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



अपने तन मन को महुये सा फुला हमने भर ली मादक हाला
यम क्या तुम कहते हो स्वर्ग में हमें मिलेंगी कमसिन बाला
अपने कर में कंचन सा प्याला ले रूपसी हमें पिलाएगी हाला
हमें स्वर्ग के स्वर्णिम नूर में नज़र आयेगी अपनी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव