दुःख दर्द थकान हर लेती एक सुखद अनुभूति देती मादक हाला
ख़ुशी हो चाहे दुःख सब भुला के पीते बाला की सागरमय हाला
सारे गम एम पल में हर लेती बाला की अमृतसम मादक हाला
सभी दूर जो ठुकराये जाते शरण वो पाते मेरी आधुनिक मधुशाला
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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