Thursday, 7 July 2016

१५१ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

 
दुःख दर्द थकान हर लेती एक सुखद अनुभूति देती मादक हाला
ख़ुशी हो चाहे दुःख सब भुला के पीते  बाला की सागरमय हाला
सारे गम एम पल में हर लेती बाला की अमृतसम मादक हाला
सभी दूर जो ठुकराये जाते शरण वो पाते मेरी आधुनिक मधुशाला

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव