Friday, 15 July 2016

२२२ \ २२३ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ




२२३
मरमरी जिस्म तेरा कमसिन जैसे मेरी आधुनिक ई मधुशाला
तेरे मादकतम लबो से टप टप टपक रही अनुपम मादक हाला
सारा जग हुआ दीवाना तेरा इ जन्नते हूर अल्हड रूपसी बाला
आज प्यास बुझेगी रूपसी पीकर तेरी यौवन रास अनुपम हाला

३२३
मेरी मधुशाला मेरी पहली मोहब्बत दिल में बसी रूपसी बाला
मरमरी जिस्म रूपसी जैसे अमृतसम अनुपम मादकतम हाला
शेफाली सम मादक महक से महकती फिजा दमकती सुरबाला
मेरी मधुशाला रूह रूपसी कमसिन विश्व्मोहिनी रूपसी बाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव