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मरमरी जिस्म तेरा कमसिन जैसे मेरी आधुनिक ई मधुशाला
तेरे मादकतम लबो से टप टप टपक रही अनुपम मादक हाला
सारा जग हुआ दीवाना तेरा इ जन्नते हूर अल्हड रूपसी बाला
आज प्यास बुझेगी रूपसी पीकर तेरी यौवन रास अनुपम हाला
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मेरी मधुशाला मेरी पहली मोहब्बत दिल में बसी रूपसी बाला
मरमरी जिस्म रूपसी जैसे अमृतसम अनुपम मादकतम हाला
शेफाली सम मादक महक से महकती फिजा दमकती सुरबाला
मेरी मधुशाला रूह रूपसी कमसिन विश्व्मोहिनी रूपसी बाला

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