Friday, 15 July 2016

२२४- मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



यौवन वृक्ष अब ढलान पे प्रियतम आत्मा मेरी मधुशाला
जिस्म में रक्त बचा ही नहीं नस नस में दौड़ रही हाला
बची जिंदगी नाम तेरे कर दी हमने मेरी आधुनिक मधुशाला
चारों और प्याले की खनक सुनाई देती और नज़र आती बाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव