Wednesday, 13 July 2016

मोहब्बत का उपवन ५

मैं जानता हूँ
तू मेरी मोहब्बत में पागल है
बहुत प्यार करती है
इस बात से वाकिफ हूँ
मेरे यार
मोहब्बत इतनी आसाँ नहीं
आसाँ नहीं प्यार
रब की इनायत है मोहब्बत
रब की इबादत है प्यार
मैं मोहब्बत का पुजारी
मेरी पहली मोहब्बत
मेरा पहला प्यार
तेरे दिल को आयेगा करार
एक तू ही
मेरी मोहब्बत
मेरा प्यार
तेरी मोहब्बत
मेरा एतबार
तेरा प्यार
जिन्दगानी का करार

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खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव