Wednesday, 13 July 2016

मोहब्बत का उपवन २

जिस दिन
तू हकीकत को
दिल से करेगी स्वीकार
उसी दिन
जितेगी मोहब्बत
महकेगा प्यार
महकेगी फिजा
झूमेगी कायनात
जितनी जरूरी बिटियाँ
है तेरे लिये
उतनी ही जरूरी
मेरे लिये गीत मेरे यार
उससे तुलना है
बेबार
वो जिन्दगानी है
तू मोहब्बत मेरी
मेरा पहला प्यार
प्यार के लिये
जिन्दगानी जरूरी है
मेरे यार
वरना गर
जिन्दगानी ही न होगी
कैसे करूँगा प्यार
करल् अब तो एतबार

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खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव