जिन्दगी के उतार चढ़ाव का नियमन करती बाला की मादक हाला
अमीर गरीब और राजा रंक का भेद मिटाती मेरी आधुनिक मधुशाला
सभी यहाँ सजदा करते बा- अदब शीश झुकाते कमसिन सुरबाला
सारे जहाँ से ज्यादा चैनो अमन सब पाते आकर मेरी मधुशाला
अमीर गरीब और राजा रंक का भेद मिटाती मेरी आधुनिक मधुशाला
सभी यहाँ सजदा करते बा- अदब शीश झुकाते कमसिन सुरबाला
सारे जहाँ से ज्यादा चैनो अमन सब पाते आकर मेरी मधुशाला
No comments:
Post a Comment