Friday, 22 July 2016

२७४ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

मन की निराशा दूर है करती सुरबाला की  अमृतसम हाला
साकी बाला प्यार से भर भर देती सागरमय अनुपम हाला
 दिल में आशा उमंग जगाता कंचन सम अनुपम प्याला
कृतक अंजान डगर सांझ ढले अलख जगाता मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव