मन की निराशा दूर है करती सुरबाला की अमृतसम हाला
साकी बाला प्यार से भर भर देती सागरमय अनुपम हाला
दिल में आशा उमंग जगाता कंचन सम अनुपम प्याला
कृतक अंजान डगर सांझ ढले अलख जगाता मेरी मधुशाला
साकी बाला प्यार से भर भर देती सागरमय अनुपम हाला
दिल में आशा उमंग जगाता कंचन सम अनुपम प्याला
कृतक अंजान डगर सांझ ढले अलख जगाता मेरी मधुशाला
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