Friday, 22 July 2016

२७५ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

हालातों के ज़ख़्मो के अहसास से मुक्ति दिलाती मेरी मधुशाला
बे रहम वक्त के मारो को पीढ़ा से छुटकारा दिलाती मादक हाला
रूपसी सुरबाला के नूर से रौशन मेरी अपनी आधुनिक मधुशाला
कृतक अंजान की दिली ख्वाहिश जिन्दगी की तमन्ना मादक हाला

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव