Wednesday, 6 July 2016

१४७ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


सागर मंथन के सोलह रत्नों में रत्न निराला कहलाती हाला
देवलोक की अप्सरायें कलयुग में कहलाती कमसिन बाला
देव दानव बड़े यतनो से जिसे लाये योगी उसे मिटाने आये
बड़े बड़े बलवानों को धूल चटाती मेरी आधुनिक मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव