Saturday, 30 July 2016

३०६ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

और चाहिये मुझको सागरमय कमसिन रूपसी साकी बाला
तेरा हाला पीकर जी खुश हो जाता प्रियतम साकी सुरबाला
ख्वाबगाह में नींद न आती सारी सारी रात तेरी याद सताती
मेरी मधुशाला मेरी जिन्दगी हरेक पल मुझे याद है आती  

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव