सभी धर्म ग्रन्थों का सम्मान दिल से करता चाहे पियु हाला
रिश्तों को कभी नहीं भुलाता पीकर सागरमय अमृत हाला
बाला की अपार मोहब्बत पाता आकर आधुनिक मधुशाला
चाहे जियु चाहे मरू मैं सदा ही मेरे दिल में बसती सुरबाला
रिश्तों को कभी नहीं भुलाता पीकर सागरमय अमृत हाला
बाला की अपार मोहब्बत पाता आकर आधुनिक मधुशाला
चाहे जियु चाहे मरू मैं सदा ही मेरे दिल में बसती सुरबाला
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