Friday, 29 July 2016

३०५ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

सभी धर्म ग्रन्थों का सम्मान दिल से करता चाहे पियु हाला
रिश्तों को कभी नहीं भुलाता पीकर सागरमय अमृत हाला
बाला की अपार मोहब्बत पाता आकर आधुनिक मधुशाला
चाहे जियु चाहे मरू मैं सदा ही मेरे दिल में बसती सुरबाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव