Saturday, 30 July 2016

३१३ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

हिमनद सम शीतल है लगती पैमाने में सागरमय हाला
सागरमय मादक मौजे उदर में जाकर कोहराम मचाती
मादक हाला की सुनामी में यारों अंतर्मन तक को हिलाती
दिल से लगाती अपना बनाती यौवन रस हाला पिलाती बाला


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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव