तेरी हरेक सुब खुबसूरत दिलकश प्यारी हो
तेरी हरेक रात दमके दिवाली सी
महके जिन्दगी तेरी केशर की महक से यारा
तेरी हरेक आरजू रब की हमारी हो
चंदन का सा महके आँगन तेरा
मोहब्बत के उपवन में चाँदनी की यारी हो
शबनमी मोतियों सें महके उपवन मोहब्बत का
गोरइया की चहकती किलकारी हो
तेरे नूरे रूखकार से रौशन मेरा दिन
तेरी अँखियों की सी रौशन निशा दुलारी हो
मोहब्बत के आँगन की प्यारी कुमुदनी तू
हरेक रात तेरे दल में जीने की आरजू पूरी हमारी हो
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Sunday, 31 July 2016
आरजुयें जिन्दगी
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
-
कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
-
जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
-
रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
No comments:
Post a Comment