मेरी मोहब्बत तेरी सागरमय हाला मुझे डूब जाने दे ए शबनमी बाला
तेरी शबनमी आँखों से टपटप टपकती अंगुरी अमृतसम मादक हाला
लबो से लब लगाकर आज पीने दे परदेशी को यौवनरस सोमरस हाला
मेरी मधुशाला है मंजिल मेरी तेरा प्यार अमृतसम अनुपम मादक हाला
तेरी शबनमी आँखों से टपटप टपकती अंगुरी अमृतसम मादक हाला
लबो से लब लगाकर आज पीने दे परदेशी को यौवनरस सोमरस हाला
मेरी मधुशाला है मंजिल मेरी तेरा प्यार अमृतसम अनुपम मादक हाला
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