Sunday, 31 July 2016

३१४ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

मेरी मोहब्बत तेरी सागरमय हाला मुझे डूब जाने दे ए शबनमी बाला
तेरी शबनमी आँखों से टपटप टपकती अंगुरी अमृतसम मादक हाला
लबो से लब लगाकर आज पीने दे परदेशी को यौवनरस सोमरस हाला
मेरी मधुशाला है मंजिल मेरी तेरा प्यार अमृतसम अनुपम मादक हाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव