Friday, 19 August 2016

बे हिसाब दर्द मैने पाया है

बे हिसाब दर्द मैने पाया है
उनसे मोहब्बत करके
गमों की दरिया में गोता लगाया है
उनसे मोहब्बत करने
जिन्दगी का चैनो अमन गंवाया है
उनसे मोहब्बत करके
सैलाभे अश्क में खुद को डुबोया है
उनसे मोहब्बत करके
जिन्दगी का एतबार मैने पाया है
उनसे मोहब्बत करके
दिली जख्मो को हौले से सहलाया है
उनसे मोहब्बत करके
खुद को खुदी के नजदीक पाया है
उनसे मोहब्बत करके
मेरे महबूब ने जीना किया दुश्वार
जब से हुई मोहब्बत उनसे
उनके हरेक गम को गले हमने लगाया है
उनसे मोहब्बत करके

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