बीती शब तनहाइयो में
जिंदगी से मुलाक़ात हो गई
खामोश लब थे खामोश थी ज़ुबा
दिल ही दिल में जिंदगी से
दिली मुलाक़ात हो गई
दिल के हरेक कमरे से गुज़री जिंदगी
खामोश तनहाइयों में जिंदगी से
दिल में जो थी वही बात हो गई
बाहो में समां गई मरमरी जिंदगी
साँसों से सांसे टकराई और
जवा दिल की धड़कने टकराई और
मोहब्बत की सुनामी में हरेक दीवार ढह गई
कसमसाती रही बाहों में जिंदगी
शबनमी मोतियों की चादर बेज़ुबाँ रह गई
बादलों की ओट से मुसकाई चाँदनी देख
जिंदगी हया के मारे सहम कर रह गई
बासंती हवाओं के थपेड़ो में
बाहों में सिमटकर सब कुछ कह गई
दिल के शामियाने से जब गुज़री जिंदगी
भुली बिसरी यादों की शमा प्रज्वलित रह गई
पीली सरसों के परागों से खेलती शबनमी बयार
भूलकर सब कुछ साथ अपने ले गई
चूमकर कपोल सरसों के महक साथ अपने ले गई
कुछ पल ठहरी पलकों के शामियाने में
जिंदगी महबूबे रुखसार चूमके रह गई
जिंदगी से मुलाक़ात हो गई
खामोश लब थे खामोश थी ज़ुबा
दिल ही दिल में जिंदगी से
दिली मुलाक़ात हो गई
दिल के हरेक कमरे से गुज़री जिंदगी
खामोश तनहाइयों में जिंदगी से
दिल में जो थी वही बात हो गई
बाहो में समां गई मरमरी जिंदगी
साँसों से सांसे टकराई और
जवा दिल की धड़कने टकराई और
मोहब्बत की सुनामी में हरेक दीवार ढह गई
कसमसाती रही बाहों में जिंदगी
शबनमी मोतियों की चादर बेज़ुबाँ रह गई
बादलों की ओट से मुसकाई चाँदनी देख
जिंदगी हया के मारे सहम कर रह गई
बासंती हवाओं के थपेड़ो में
बाहों में सिमटकर सब कुछ कह गई
दिल के शामियाने से जब गुज़री जिंदगी
भुली बिसरी यादों की शमा प्रज्वलित रह गई
पीली सरसों के परागों से खेलती शबनमी बयार
भूलकर सब कुछ साथ अपने ले गई
चूमकर कपोल सरसों के महक साथ अपने ले गई
कुछ पल ठहरी पलकों के शामियाने में
जिंदगी महबूबे रुखसार चूमके रह गई
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